अलीगढ़ में पूर्व सीएम मायावती का मंदिर बनाने की तैयारी, अनुमति के लिए बसपा सुप्रीमो को भेजा गया पत्र
- मंदिर निर्माण का प्रस्ताव: भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने अलीगढ़ में मंदिर बनाने की घोषणा की है।
- अनुमति के लिए भेजा पत्र: प्रस्तावित निर्माण और प्रतिमा स्थापना के संदर्भ में बसपा सुप्रीमो मायावती से औपचारिक सहमति मांगी गई है।
- राजनीति से परे होने का दावा: आयोजकों का कहना है कि यह कदम किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं बल्कि उनके सामाजिक योगदान के सम्मान में उठाया जा रहा है।
मुख्य समाचार: उत्तर प्रदेश के जनपद अलीगढ़ में पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती के नाम पर मंदिर बनाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। भ्रष्टाचार विरोधी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित केशव देव गौतम ने प्रेस वार्ता के माध्यम से इस योजना की जानकारी सार्वजनिक की है।
गौतम ने बताया कि इस प्रस्तावित मंदिर के निर्माण और उसमें प्रतिमा स्थापित करने से पहले उन्होंने बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती को एक औपचारिक पत्र प्रेषित कर उनसे विधिवत अनुमति मांगी है।
प्रस्ताव को लेकर आयोजक का पक्ष
प्रेस वार्ता के दौरान केशव देव गौतम ने स्पष्ट किया कि इस पहल के पीछे कोई चुनावी या राजनीतिक मंशा नहीं है:
गैर-राजनीतिक पहल का दावा: आयोजकों के अनुसार यह निर्णय पूर्व मुख्यमंत्री के शासनकाल और उनके द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों के प्रति सम्मान व्यक्त करने के उद्देश्य से लिया गया है।
अनुमति की प्रतीक्षा: उन्होंने कहा कि बसपा नेतृत्व से स्वीकृति मिलने के बाद ही आगे की रूपरेखा और निर्माण प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा।
आगे की स्थिति
फिलहाल यह प्रस्ताव शुरुआती चरण में है और पूरी प्रक्रिया बसपा सुप्रीमो की सहमति पर निर्भर करेगी।
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