WORLD NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 21, 2026
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान को रावलपिंडी की कड़ी सुरक्षा वाली अदियाला जेल से इस्लामाबाद के शिफा इंटरनेशनल अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आधी रात को किए गए इस ट्रांसफर के दौरान पूरे अस्पताल परिसर और आसपास के रास्तों को भारी पुलिस बल और रेंजर्स की तैनाती के साथ छावनी में तब्दील कर दिया गया।
Highlights
- सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश: शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान के स्वास्थ्य और आंखों की समस्या को देखते हुए उन्हें 48 घंटे के भीतर अस्पताल शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
इलाके में कड़ी सुरक्षा: शिफा इंटरनेशनल अस्पताल और आसपास के मार्गों पर इस्लामाबाद पुलिस, जेल सुरक्षाकर्मियों और अर्धसैनिक बलों (रेंजर्स) की भारी तैनाती की गई
Highlights
- सुप्रीम कोर्ट का कड़ा आदेश: शीर्ष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने इमरान खान के स्वास्थ्य और आंखों की समस्या को देखते हुए उन्हें 48 घंटे के भीतर अस्पताल शिफ्ट करने का निर्देश दिया था।
- इलाके में कड़ी सुरक्षा: शिफा इंटरनेशनल अस्पताल और आसपास के मार्गों पर इस्लामाबाद पुलिस, जेल सुरक्षाकर्मियों और अर्धसैनिक बलों (रेंजर्स) की भारी तैनाती की गई है।
- मेडिकल बोर्ड करेगा जांच: अदालत के निर्देशानुसार विशेषज्ञ डॉक्टरों का एक मेडिकल बोर्ड इमरान खान का परीक्षण करेगा, जिसमें उनके निजी चिकित्सक भी शामिल होंगे।
- 16 सितंबर तक अस्पताल में रहने की संभावना: अदालत ने मामले की अगली समीक्षा सुनवाई 16 सितंबर तक तय की है और परिवार को साप्ताहिक मुलाकातों की अनुमति दी है।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, इस्लामाबाद। पाकिस्तान की राजनीति में एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। अगस्त 2023 से रावलपिंडी की अदियाला जेल में बंद 73 वर्षीय पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को विस्तृत मेडिकल जांच और उपचार के लिए राजधानी के निजी अस्पताल ‘शिफा इंटरनेशनल’ में स्थानांतरित कर दिया गया है।
पीटीआई और स्थानीय प्रशासन के अनुसार, यह कदम पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों के अनुपालन में उठाया गया है।
अस्पताल परिसर बना ‘सब-जेल’
इमरान खान के अस्पताल पहुंचने से पहले ही इस्लामाबाद के मुख्य आयुक्त कार्यालय और पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। अस्पताल के संबंधित फ्लोर और वार्ड को सुरक्षा कारणों से अस्थायी सब-जेल घोषित करते हुए बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
पीटीआई नेतृत्व ने भी अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अस्पताल के बाहर भीड़ न लगाने और शांति बनाए रखने की अपील की है, ताकि इलाज की प्रक्रिया बिना किसी रुकावट के पूरी हो सके।
स्वास्थ्य चिंताओं को लेकर कोर्ट में हुई थी सुनवाई
इमरान खान के परिवार और कानूनी टीम ने उनकी गिरती सेहत, विशेषकर दाहिनी आंख में आई नस की रुकावट (CRVO) और सिर में भारीपन जैसी शिकायतों को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
1. निजी डॉक्टरों की मौजूदगी: मेडिकल जांच के दौरान उनके निजी फिजिशियन डॉ. फैसल सुल्तान और विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल मौजूद रहेगा।
2. पारिवारिक मुलाकात: सुप्रीम कोर्ट ने अस्पताल में रहने के दौरान परिजनों को सप्ताह में एक बार मिलने की अनुमति प्रदान की है।
3. सरकारी याचिका: सरकार ने शुरुआत में इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी, लेकिन कोर्ट के कड़े रुख के बाद आदेश का पालन सुनिश्चित किया गया।
“कैदी होने के बावजूद हर नागरिक मानवीय व्यवहार और आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का हकदार है। स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना बुनियादी अधिकार है।”
-जस्टिस शाहिद वहीद (सुप्रीम कोर्ट बेंच प्रमुख)