CHHATTISGARH | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 21, 2026
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में बीएससी एग्रीकल्चर सेकंड ईयर की सेमेस्टर परीक्षा का पर्चा लीक होने का बड़ा मामला सामने आया है। गुरुवार को निर्धारित समय से पहले ही सोशल मीडिया और WhatsApp पर प्रश्नपत्र वायरल हो गया। शुरुआती पड़ताल में वायरल पर्चे के करीब 70 प्रतिशत प्रश्न मुख्य परीक्षा से मेल खाते मिले, जिसके बाद प्रबंधन ने परीक्षा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी। मामले में अज्ञात के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर 4 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है।
Highlights
- परीक्षा से पहले वायरल हुआ पर्चा: 10 बजे से प्रस्तावित कीट विज्ञान (Entomology – AENT 221) का पेपर सुबह ही WhatsApp समूहों में पहुंच गया।
- 70% प्रश्न हूबहू मिले: अधिकारियों द्वारा जांच किए जाने पर वायरल सामग्री में लगभग 70 फीसदी सवाल वास्तविक प्रश्नपत्र से मेल खाते पाए गए।
- परीक्षा निरस्त, सितंबर में दोबारा आयोजन: विश्वविद्यालय से संबद्ध 33 कॉलेजों में यह परीक्षा रद्द कर दी गई है, जिसका दोबारा आयोजन सितंबर 2026 के पहले सप्ताह में होगा।
- BNS की धाराओं में केस दर्ज: कृषि मंत्री के निर्देश पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।
- 4 सदस्यीय कमेटी करेगी जांच: पूरे घटनाक्रम और लीकेज के स्रोत का पता लगाने के लिए चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई गई है।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, रायपुर। छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण संस्थानों में परीक्षाओं की शुचिता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) से संबद्ध 33 महाविद्यालयों में गुरुवार को आयोजित होने वाली बीएससी (कृषि) द्वितीय वर्ष की ‘कीट विज्ञान’ विषय की परीक्षा शुरू होने से पहले ही उसका पर्चा लीक हो गया।
सुबह करीब 9 बजे डीन कार्यालय को ईमेल के माध्यम से पर्चा लीक होने की जानकारी मिली। इसके कुछ ही देर बाद सोशल मीडिया और WhatsApp ग्रुप्स में तैर रहे पर्चे का मिलान जब वास्तविक प्रश्नपत्र से किया गया, तो करीब 70 फीसदी प्रश्न समान पाए गए। छात्रों के भारी विरोध और हंगामे को देखते हुए प्रबंधन ने तत्काल परीक्षा निरस्त करने का परिपत्र जारी कर दिया।
शासन स्तर पर सख्त रुख, अज्ञात पर मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन और विश्वविद्यालय प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई शुरू कर दी है:
1. आपराधिक धाराओं में FIR: कृषि मंत्री रामविचार नेताम के कड़े निर्देश के बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन ने थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं में केस दर्ज करवाया है।
2. मुख्यमंत्री का आश्वासन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट किया कि मामले की पारदर्शी जांच कराई जा रही है और परीक्षा प्रणाली से खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
3. जांच कमेटी की समयसीमा: गठित 4 सदस्यीय समिति प्रिंटिंग, स्टोरेज और डिजिटल डिस्ट्रीब्यूशन के सभी स्तरों की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
विपक्ष ने उठाए परीक्षा तंत्र पर सवाल
इस घटनाक्रम के सामने आते ही राज्य में सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे प्रशासनिक तंत्र की गंभीर ना विफलता करार देते हुए कहा कि बार-बार प्रश्नपत्र लीक होने से मेहनत करने वाले हजारों विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट खड़ा होता है। विपक्ष ने मामले की निष्पक्ष जांच और छात्रों के लिए पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग उठाई है।