मध्य प्रदेश: खंडवा की जनसुनवाई में ‘कुत्ता’ बनकर पहुंचा फरियादी, अफसरों के सामने भौंककर सौंपा ज्ञापन; नसबंदी में 40 लाख के घोटाले का आरोप!
MADHYA PRADESH | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 19, 2026
मध्य प्रदेश के खंडवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार की जनसुनवाई के दौरान एक अनोखा और हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। शहर में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और नसबंदी अभियान में कथित भ्रष्टाचार के विरोध में एक युवक कुत्ते का मुखौटा (मास्क) और कॉस्ट्यूम पहनकर अधिकारियों के सामने शिकायत लेकर पहुंच गया। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
Highlights
- अनोखा प्रदर्शन: खंडवा नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक ‘मुल्लू’ राठौर एक युवक को कुत्ते का कॉस्ट्यूम और मास्क पहनाकर सीधे कलेक्ट्रेट सभागार ले आए।
- 40 लाख के घोटाले का आरोप: नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 4 वर्षों में कुत्तों की नसबंदी (बधियाकरण) के नाम पर ₹40 लाख के बिल निकाले गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।
- डॉग बाइट के बढ़ते मामले: प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि शहर में अब तक 13,225 से अधिक लोग डॉग बाइट का शिकार हो चुके हैं और आवारा श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
- प्रशासन ने दिए जांच के आदेश: अपर कलेक्टर (ADM) काशीराम बड़ोले ने शिकायत दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जांच कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, खंडवा (मध्य प्रदेश)। खंडवा कलेक्ट्रेट में मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई उस समय चर्चा का केंद्र बन गई, जब रोजमर्रा की शिकायतों के बीच एक ‘अनोखे फरियादी’ की एंट्री हुई। नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष दीपक ‘मुल्लू’ राठौर के साथ एक युवक श्वान (कुत्ते) का मास्क और कॉस्ट्यूम पहनकर सीधे प्रशासनिक अधिकारियों की टेबल पर पहुंच गया।
अधिकारियों के सामने पहुंचते ही युवक ने प्रतीकात्मक रूप से भौंककर शहर में आवारा श्वानों की बेकाबू समस्या और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गहरा व्यंग्य किया।
गेट पर पुलिस ने रोका, बहस के बाद मिली एंट्री
सभागृह के मुख्य द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने पहले मुखौटा पहने युवक को अंदर जाने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, कुछ देर की बहस के बाद उन्हें प्रवेश की अनुमति दे दी गई। इसके बाद युवक अधिकारियों के सामने कुर्सी पर बैठ गया और खुद अपने हाथों से अपर कलेक्टर काशीराम बड़ोले को शिकायती आवेदन सौंपा।
नसबंदी के नाम पर कागजी खानापूर्ति का आरोप
नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने नगर निगम प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि शहर में आवारा कुत्तों के बधियाकरण के नाम पर बड़े पैमाने पर धांधली की गई है।
1. फंड की बर्बादी: पिछले 4 वर्षों में नसबंदी अभियान के नाम पर लगभग ₹40 लाख की राशि खर्च की गई, लेकिन वास्तविक रूप से कुत्तों की आबादी घटने के बजाय बढ़ गई है।
2. नागरिकों की सुरक्षा पर संकट: शहर भर में 13 हजार से ज्यादा लोग श्वान के काटने का शिकार हो चुके हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों में भय का माहौल है।
3. टेंडर प्रक्रिया की जांच: संबंधित एजेंसी और अधिकारियों की मिलीभगत की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की गई है।
“जनसुनवाई में श्वान बधियाकरण केंद्र की कार्यप्रणाली और फंड के दुरुपयोग को लेकर शिकायत मिली है। नगर निगम आयुक्त से इस संबंध में चर्चा की गई है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।”
-काशीराम बड़ोले (अपर कलेक्टर, खंडवा)