आजम खान पर ED का बड़ा शिकंजा: जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े 10 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी, रामपुर से दिल्ली तक हड़कंप!
POLITICS & CRIME | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 19, 2026
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद आजम खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार सुबह मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) के तहत मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह पूरी कार्रवाई उत्तर प्रदेश के रामपुर, सहारनपुर और देश की राजधानी दिल्ली में एक साथ संचालित की जा रही है।
Highlights
- 10 ठिकानों पर एक साथ रेड: ईडी की टीमों ने बुधवार सुबह रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली स्थित 10 परिसरों में एक साथ सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
- सरकारी धन के डायवर्जन का आरोप: जांच एजेंसी के अनुसार, सरकारी ठेकों के पैसे को निजी ठेकेदारों के जरिए जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी के निर्माण में डायवर्ट करने की जांच की जा रही है।
- PMLA के तहत कार्रवाई: यह पूरी छापेमारी धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 17 के तहत की जा रही है।
- डिजिटल सबूत और वित्तीय दस्तावेज खंगाले: केंद्रीय एजेंसी की टीमें वित्तीय रिकॉर्ड्स, बैंक ट्रांजेक्शन और निर्माण से जुड़े अहम दस्तावेजों की पड़ताल कर रही हैं।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, लखनऊ/रामपुर। समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शिकंजा कस दिया है। बुधवार तड़के ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय की कई टीमों ने स्थानीय पुलिस बल के साथ मिलकर रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली स्थित 10 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की।
यह कार्रवाई मुख्य रूप से आजम खान द्वारा संचालित मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी में हुए वित्तीय लेन-देन व मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से संबंधित है।
क्या हैं ED की जांच के मुख्य बिंदु?
जांच एजेंसी के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह जांच सरकारी प्रोजेक्ट्स और निर्माण कार्यों के फंड को निजी ठेकेदारों के माध्यम से ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की संपत्ति बनाने में इस्तेमाल करने के आरोपों पर केंद्रित है।
1. फंड का डायवर्जन: जांच में सामने आया है कि सरकारी अनुबंधों से लाभ कमाने वाले ठेकेदारों और जौहर ट्रस्ट के बीच संदिग्ध वित्तीय लेन-देन हुए।
2. डोनेशन और निर्माण कार्य: सरकारी ठेकों का बड़ा हिस्सा दान (Donations) और यूनिवर्सिटी के निर्माण कार्यों के नाम पर डायवर्ट किए जाने का शक है।
3. अवैध संपत्ति की पड़ताल: ईडी का मुख्य उद्देश्य अपराध की आय (Proceeds of Crime), संदिग्ध वित्तीय रिकॉर्ड्स और डिजिटल साक्ष्यों को जब्त करना है।
“जांच सरकारी ठेकों के फंड के दुरुपयोग और निजी ठेकेदारों के जरिए ट्रस्ट व यूनिवर्सिटी की संपत्तियां तैयार करने से जुड़ी है। संबंधित परिसरों से वित्तीय और डिजिटल दस्तावेज जुटाए जा रहे हैं।”
-जांच एजेंसी सूत्र
पहले भी हो चुकी है जांच
गौरतलब है कि आजम खान इस समय विभिन्न मामलों में जेल में बंद हैं। इससे पहले आयकर विभाग और अन्य राज्य स्तरीय एजेंसियां भी जौहर ट्रस्ट और यूनिवर्सिटी की जमीन व निर्माण खर्च के ब्योरे को लेकर जांच कर चुकी हैं। आज सुबह हुई इस अचानक कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है।