NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 12, 2026
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की स्वदेश वापसी की चर्चाओं के बीच ढाका की अंतरिम सरकार ने बड़ा बयान दिया है। बांग्लादेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि शेख हसीना देश वापस लौटती हैं, तो उन्हें कानून के तहत पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
Highlights
- सुरक्षा का पूरा भरोसा: बांग्लादेशी अधिकारियों ने बयान दिया है कि शेख हसीना के लौटने पर उनकी सुरक्षा में कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
- कानूनी प्रक्रिया का सामना: अंतरिम सरकार ने कहा है कि हसीना को देश वापसी पर सुरक्षा तो मिलेगी, लेकिन उन्हें दर्ज मामलों में कानूनी प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
- भारत में ले रखी है शरण: पिछले दिनों भारी जनविरोध और तख्तापलट के बाद शेख हसीना ने भारत में शरण ले रखी है, जिसके बाद से उनकी वापसी को लेकर अटकलें तेज हैं।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक तख्तापलट के बाद भारत में रह रहीं पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की वतन वापसी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने हसीना की संभावित वापसी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यदि वह वापस अपने देश लौटने का फैसला करती हैं, तो उन्हें सरकार की तरफ से पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी।
बांग्लादेशी विदेश मंत्रालय और अंतरिम सरकार के प्रतिनिधियों ने अंतरराष्ट्रीय मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि देश के नागरिक के तौर पर उन्हें सुरक्षा पाने का पूरा अधिकार है।
कानूनी प्रक्रियाओं से गुजरना होगा
सरकार ने सुरक्षा का आश्वासन देने के साथ ही यह भी साफ कर दिया है कि हसीना के खिलाफ देश में कई गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे में उन्हें स्वदेश लौटने पर कानून के समक्ष पेश होना होगा और निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना पड़ेगा।
बांग्लादेशी प्रशासन का मानना है कि शेख हसीना की वापसी से देश में राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट करने और कानून के शासन को स्थापित करने में मदद मिल सकती है।
“बांग्लादेश का नागरिक होने के नाते अगर शेख हसीना स्वदेश वापस आती हैं, तो उन्हें कानून के दायरे में रहकर पूरी सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। हालांकि, उनके खिलाफ दर्ज मामलों में उन्हें निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही होगा।”
–प्रवक्ता / प्रतिनिधि, बांग्लादेश अंतरिम सरकार
भारत-बांग्लादेश संबंधों पर टिकीं निगाहें
विशेषज्ञों का मानना है कि शेख हसीना की वापसी का मुद्दा भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक संबंधों के लिहाज से भी काफी संवेदनशील है। भारत ने हसीना को मानवीय आधार पर शरण दी हुई है, जबकि बांग्लादेश में उनके समर्थकों और विरोधियों के बीच तनाव बरकरार है। अब देखना होगा कि अंतरिम सरकार के इस बयान के बाद शेख हसीना कोई बड़ा फैसला लेती हैं या नहीं।
“सुरक्षा देना राज्य की जिम्मेदारी है, लेकिन कानून से ऊपर कोई नहीं है। शेख हसीना की वतन वापसी पर उन्हें पूरी सुरक्षा मिलेगी, पर हिंसा और मामलों में निष्पक्ष जांच का सामना भी करना पड़ेगा।”
– बांग्लादेश विदेश मंत्रालय / गृह विभाग