
सत्य निकेतन इमारत हादसा: सीएम रेखा गुप्ता बोलीं- मालिक की लापरवाही से हुआ हादसा, आसपास की अन्य खतरनाक इमारतों को भी गिराया जाएगा
- मालिक की लापरवाही: सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि यह एक बहुत पुरानी इमारत थी जिसके बेसमेंट में पानी भर जाने से पिलर बैठ गए और पूरी इमारत ढह गई।
- कानूनी कार्रवाई: हादसे के लिए जिम्मेदार भवन मालिक के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
- खतरनाक इमारतों पर एक्शन: आसपास की अन्य जर्जर व खतरनाक इमारतों की पहचान कर उन्हें तुरंत गिराने के निर्देश दिए गए हैं, तथा ठीक पीछे वाली इमारत को खाली कराकर गिराया जा रहा है।
मुख्य समाचार: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में हुए बहुचर्चित बिल्डिंग कोलैप्स मामले में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट की है। मीडिया से बातचीत के दौरान सीएम ने कहा कि यह एक बेहद दुखद और दर्दनाक घटना है जो सीधे तौर पर भवन मालिक की लापरवाही का परिणाम है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह एक बहुत पुरानी संरचना थी, जिसके बेसमेंट में लंबे समय से जलभराव (waterlogging) होने के कारण पिलर कमजोर हो गए और अंततः पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई।
मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि इस इमारत के संबंध में पहले ही कार्रवाई की जा चुकी थी और अब इसके ओनर के खिलाफ सख्त कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है।
आसपास की अन्य खतरनाक इमारतों पर चलेगा बुलडोजर
सुरक्षा के मद्देनजर सरकार और प्रशासनिक अमले द्वारा उठाए जा रहे कदमों का विवरण:
पहचान और डिमोलिशन: इलाके की अन्य जर्जर और असुरक्षित इमारतों की शिनाख्त की जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
तत्काल प्रभाव से कार्रवाई: ढही हुई इमारत के ठीक पीछे स्थित खतरनाक भवन को भी तुरंत प्रभाव से खाली करवा लिया गया है और उसे गिराया जा रहा है।
राहत एवं बचाव कार्यों की निरंतर निगरानी
मौके पर राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी हैं तथा वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि मलबे से जुड़ी हर स्थिति से निपटा जा सके।
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