- सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट: हफ्ते के पहले दिन बाजार खुलते ही सेंसेक्स 250 अंकों से ज्यादा फिसल गया, जबकि निफ्टी भी टूटकर लाल निशान में कारोबार करता नजर आया।
- आईटी शेयरों में भारी क्रैश: इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसे दिग्गज आईटी स्टॉक्स में बिकवाली से मार्केट का सेंट्रिमेंट बिगड़ा।
- बाजार टूटने के मुख्य कारण: कच्चे तेल के बढ़ते दाम, अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक बाजारों के सुस्त रुख ने घरेलू बाजार पर दबाव बनाया है।
मुख्य समाचार: शेयर बाजार के निवेशकों के लिए हफ्ते की शुरुआत अच्छी नहीं रही। सोमवार को ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत के साथ ही मार्केट के दोनों प्रमुख इंडेक्स भारी गिरावट के साथ रेड जोन में चले गए। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 250 अंक से ज्यादा फिसल गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के निफ्टी ने भी कमजोरी के साथ कारोबार शुरू किया। इस दौरान टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखरते हुए नजर आए।
कारोबार की शुरुआत में बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,515 की तुलना में गिरकर 76,446 पर खुला और देखते ही देखते 264 अंक टूटकर 76,251 पर आ गया। ऐसा ही हाल एनएसई के निफ्टी का रहा जो 23,897 के पिछले बंद के मुकाबले फिसलकर 23,818 तक आ गया।
आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
मार्केट ओपनिंग के दौरान लार्जकैप और मिडकैप शेयरों का हाल इस प्रकार रहा:
लार्जकैप स्टॉक्स: इंफोसिस शेयर (2.60%), टेक महिंद्रा (1.75%), एचसीएल टेक (1.60%) और टीसीएस (1%) की गिरावट के साथ ट्रेड करते दिखे।
मिडकैप स्टॉक्स: भारत फोर्ज (1.90%), म्हासिस (1.75%), पर्सिस्टेंट (1.70%) और गोदरेज प्रॉपर्टीज (1.40%) के शेयरों में भी कमजोरी दर्ज की गई।
बाजार टूटने के 4 सबसे बड़े कारण
विश्लेषकों के अनुसार सोमवार को बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे मुख्य रूप से चार बड़े कारण जिम्मेदार हैं:
1. कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में भारी उथल-पुथल मची है। ब्रेंट क्रूड का दाम बढ़कर 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जिससे वैश्विक स्तर पर महंगाई का खतरा और निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ गया है।
2. अमेरिका-ईरान तनाव: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच भू-राजनीतिक तनाव लगातार बना हुआ है। हालिया बयानों और सोशल मीडिया पोस्ट्स के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था और तेल निर्यात प्रभावित होने की आशंका से बाजार में डर का माहौल है।
3. एशियाई बाजारों का मिलाजुला रुख: जापान और साउथ कोरिया के बाजार बढ़त पर थे, लेकिन हांगकांग का हेंगसेंग और यूरोपीय बाजार (FTSE, CAC, DAX) गिरावट के साथ ट्रेड कर रहे थे। इसके अलावा गिफ्ट निफ्टी भी करीब 90 अंक टूटकर कारोबार कर रहा था।
4. आईटी शेयरों का क्रैश: दिग्गज आईटी कंपनियों में बिकवाली हावी होने से निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 1% टूट गया, जिसका चौतरफा असर भारतीय बाजार पर पड़ा।
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