DELHI POLITICS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 19, 2026
दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य एवं पीडब्ल्यूडी मंत्री सत्येंद्र जैन की एक बार फिर गिरफ्तारी के बाद राष्ट्रीय राजधानी की राजनीति गरमा गई है। एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने 571 करोड़ रुपये के कथित अस्पताल निर्माण घोटाले के सिलसिले में यह कार्रवाई की है। इस गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के बीच तीखा जुबानी वार शुरू हो गया है।
Highlights
- एसीबी की बड़ी कार्रवाई: एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने 571 करोड़ रुपये के 24 अस्पताल निर्माण और अपग्रेडेशन प्रोजेक्ट में कथित भ्रष्टाचार के मामले में सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया।
- भ्रष्टाचार और लागत बढ़ाने के आरोप: जांच एजेंसी का दावा है कि बिना उचित टेंडर और नियमों की अनदेखी कर प्रोजेक्ट की लागत को कई गुना बढ़ाया गया और निजी कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।
- आम आदमी पार्टी का कड़ा विरोध: आप नेतृत्व ने इसे आगामी चुनावों को प्रभावित करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का राजनीतिक दुरुपयोग और झूठा केस करार दिया।
- बीजेपी का तीखा हमला: भारतीय जनता पार्टी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के नाम पर दिल्ली की जनता के टैक्स के पैसों का भारी गबन किया गया है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर बड़ा सियासी भूचाल आ गया है। भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (ACB) ने दिल्ली सरकार के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को 571 करोड़ रुपये के कथित अस्पताल निर्माण घोटाले के मामले में पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी की खबर सामने आते ही राजधानी में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।
जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, यह मामला दिल्ली में विभिन्न सरकारी अस्पतालों के निर्माण, आईसीयू बेड्स की व्यवस्था और स्वास्थ्य भवनों के आधुनिकीकरण से जुड़ी परियोजनाओं में भारी वित्तीय अनियमितताओं से संबंधित है।
क्या हैं ACB के मुख्य आरोप?
एंटी करप्शन ब्रांच की जांच के अनुसार, पूर्ववर्ती कार्यकाल के दौरान स्वास्थ्य और लोक निर्माण विभाग (PWD) के तहत शुरू की गई 24 अस्पताल परियोजनाओं में तय नियमों का उल्लंघन किया गया।
1. लागत में भारी इजाफा: प्राथमिक अनुमान की तुलना में परियोजनाओं की लागत में अप्रत्याशित रूप से करोड़ों रुपये की बढ़ोतरी की गई।
2. टेंडर प्रक्रियाओं में गड़बड़ी: कंसल्टेंट्स और निजी ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए निर्धारित मानकों और निष्पक्ष निविदा नियमों को दरकिनार करने का आरोप है।
3. कागजों और जमीन पर विसंगतियां: जांच में यह भी दावा किया गया है कि फंड जारी होने के बावजूद कई निर्माण कार्य समय पर पूरे नहीं हुए और गुणवत्ता मानकों से समझौता किया गया।
“सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने और निर्माण परियोजनाओं में वित्तीय नियमों की घोर अनदेखी के पर्याप्त सबूतों के आधार पर ही यह कानूनी कार्रवाई की गई है। मामले में शामिल अन्य अधिकारियों और संबंधित पक्षों की भूमिका की भी जांच चल रही है।”
-जांच एजेंसी सूत्
गिरफ्तारी पर AAP और BJP आमने-सामने
सत्येंद्र जैन की गिरफ्तारी के बाद राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
- आम आदमी पार्टी (AAP) का रुख: पार्टी ने गिरफ्तारी का कड़ा विरोध करते हुए इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बताया है। आप प्रवक्ताओं का कहना है कि यह कार्रवाई विरोधी दलों को दबाने और दिल्ली सरकार के विकास कार्यों को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश है।
- भारतीय जनता पार्टी (BJP) का हमला: वहीं, बीजेपी ने इसे जनता के पैसे की खुली लूट बताते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर किए गए भ्रष्टाचार की पूरी सच्चाई अब दिल्ली की जनता के सामने आ रही है और कानून अपना काम निष्पक्षता से कर रहा है।