
पश्चिम बंगाल में यूसीसी की तैयारी: खत्म होंगे 13 अलग-अलग मैरिज एक्ट, सभी धर्मों के लिए बनेगा एक समान कानून
- 13 मैरिज एक्ट होंगे खत्म: बंगाल के प्रस्तावित यूसीसी ढांचे के तहत अलग-अलग धर्मों के पर्सनल और विवाह कानूनों को रिप्लेस कर एक सिंगल लॉ लाया जाएगा।
- लैंगिक समानता और धर्म-निरपेक्षता: नए प्रस्तावित कानून का मुख्य जोर लैंगिक समानता (Gender Equality) और सभी नागरिकों के लिए समान नियमों पर होगा।
- समिति की बैठक: इस दिशा में रूपरेखा तैयार करने के लिए गठित समिति की बैठकें शुरू हो चुकी हैं, जिस पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
मुख्य समाचार: पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और पारिवारिक मामलों को विनियमित करने वाले अलग-अलग धर्म आधारित कानूनों को समाप्त करने की तैयारी है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, विभिन्न समुदायों के लगभग 13 मैरिज और पर्सनल लॉ Acts को रिप्लेस करके एक एकल (Single) कानून लाने की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसका उद्देश्य न्यायिक प्रक्रिया में एकरूपता लाना है।
इस प्रस्ताव के तहत राज्य के नागरिकों के लिए विवाह पंजीकरण, उत्तराधिकार और रख-रखाव के नियमों को अधिक पारदर्शी और धर्म-निरपेक्ष बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
प्रस्तावित कानून के मुख्य बिंदु और प्रावधान
यूसीसी के इस नए प्रारूप में कई महत्वपूर्ण बदलावों को शामिल किए जाने की चर्चा है:
विवाह और तलाक के एक समान नियम: विभिन्न धर्मों के व्यक्तिगत कानूनों को हटाकर सभी के लिए एक जैसा कानूनी ढांचा स्थापित किया जाएगा।
समान अधिकार: पारिवारिक मामलों, संपत्ति के अधिकार और उत्तराधिकार में लैंगिक समानता को प्राथमिकता दिए जाने का प्रावधान है।
आगे की प्रक्रिया
विस्तृत मसौदा तैयार करने और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के लिए बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, और आने वाले दिनों में इस पर स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।
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