NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 09, 2026
स्वतंत्रता दिवस समारोह को लेकर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लाल किले के आसपास मल्टी-लेयर सिक्योरिटी कवर तैयार किया गया है, जहां एआई (AI) कैमरों और ड्रोन रोधी प्रणालियों से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।
Highlights
- 20 हजार जवानों का पहरा: लाल किले और मध्य दिल्ली के इलाकों में पुलिस व अर्धसैनिक बलों के 20,000 से अधिक जवान तैनात रहेंगे।
- AI और फेस रिकग्निशन: संदिग्धों की पहचान के लिए पहली बार एडवांस फेस रिकग्निशन वाले AI सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल।
- एंटी-ड्रोन सिस्टम: लाल किले की हवाई सुरक्षा के लिए एनएसजी और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात।
15 अगस्त को लेकर राजधानी बनी छावनी
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के जश्न को देखते हुए राजधानी दिल्ली को हाई अलर्ट पर रखा गया है। लाल किले पर प्रधानमंत्री के ध्वजारोहण और राष्ट्र के नाम संबोधन को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने जमीन से लेकर आसमान तक अभेद्य सुरक्षा घेरा तैयार किया है।
सुरक्षा व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने के लिए 20,000 से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसमें दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्सेज, एनएसजी कमांडो और स्पेशल सेल की टीमें शामिल हैं।
एआई कैमरे और एंटी-ड्रोन तकनीक से निगरानी
इस बार सुरक्षा घेरे को पहले से ज्यादा हाई-टेक बनाया गया है। लाल किले के पूरे परिसर और आसपास के रास्तों पर सैकड़ों एआई (Artificial Intelligence) युक्त कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे डेटाबेस में मौजूद संदिग्ध चेहरों की पहचान पलक झपकते ही कर लेंगे।
आसमान से किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए डीआरडीओ द्वारा विकसित एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए गए हैं। किसी भी अनधिकृत ड्रोन या उड़ने वाली वस्तु को देखते ही निष्क्रिय करने की पूरी तैयारी है।
ट्रैफिक डायवर्जन और पतंगबाजी पर रोक
सुरक्षा के लिहाज से लाल किले के आसपास पतंगबाजी और किसी भी तरह के गुब्बारे उड़ाने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी गई है। इसके साथ ही 15 अगस्त की सुबह से ही पुरानी दिल्ली और मध्य दिल्ली की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा।
प्रशासन ने आम नागरिकों और अतिथियों से अपील की है कि वे सुरक्षा जांच में सहयोग करें और बिना पहचान पत्र के लाल किले के आसपास वाले क्षेत्र में प्रवेश न करें।
“स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की सुरक्षा केवल एक प्रोटोकॉल नहीं, बल्कि राष्ट्र के गौरव और 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास की रक्षा का संकल्प है।”