NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 09, 2026
रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का आंदोलन 16वें दिन भी जारी रहा। 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा मार्च से पहले सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बातचीत चल रही है, जिसमें JPSC परीक्षा रद्द करने पर फैसला आ सकता है।
Highlights
- 16वां दिन: रांची में अभ्यर्थियों का विरोध प्रदर्शन लगातार 16वें दिन जारी, धरने पर बैठे छात्र मांगें पूरी होने तक अड़े।
- परीक्षा पर संशय: सूत्रों के अनुसार सरकार 14वीं JPSC PT परीक्षा रद्द करने और CBI जांच पर बड़ा फैसला ले सकती है।
- विधानसभा घेराव का अल्टीमेटम: मांगें नहीं माने जाने पर छात्रों ने 10 अगस्त को राज्य विधानसभा घेराव की चेतावनी दी है।
16वें दिन में प्रवेश कर गया छात्रों का आंदोलन
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन और तीव्र हो गया है। आज प्रदर्शन का 16वां दिन है और अभ्यर्थी लगातार कड़ाके की धूप और बारिश के बावजूद अपनी मांगों को लेकर सड़क पर डटे हुए हैं।
छात्रों के विरोध को देखते हुए राज्य सरकार और प्रशासन पर भारी दबाव बन गया है। स्थिति को नियंत्रित करने और गतिरोध को समाप्त करने के लिए सरकार और छात्र नेताओं के बीच देर रात तक बैठकों का दौर चलता रहा।
14वीं JPSC पीटी परीक्षा हो सकती है रद्द
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार छात्रों के विरोध और पेश किए गए साक्ष्यों को देखते हुए 14वीं JPSC PT परीक्षा को रद्द करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। बातचीत के दौरान सरकार के प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया है कि युवाओं के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा।
बैठक में शामिल छात्र प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया है कि वे केवल मौखिक आश्वासन से संतुष्ट नहीं होंगे। जब तक सरकार 14वीं JPSC पीटी परीक्षा रद्द करने और JSSC मामलों में जांच का आधिकारिक आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा।
10 अगस्त को विधानसभा मार्च की तैयारी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
धरने पर बैठे छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि 10 अगस्त तक उनकी मांगों पर कोई ठोस लिखित समझौता नहीं होता है, तो पूरे राज्य भर से लाखों छात्र रांची पहुंचेंगे और विधानसभा का घेराव करेंगे।
इस अल्टीमेटम के बाद रांची पुलिस और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। मुख्यमंत्री आवास और राजभवन के आसपास बैरिकेडिंग कर दी गई है और भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।