नेपाल के रासुवा में भूटकोशी नदी की बाढ़ से तबाही, कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए भारतीय श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर मंडराया संकट
- भूटकोशी नदी में जलप्रलय: नेपाल-तिब्बत सीमा के पास रासुवा जिले में अचानक आई बाढ़ (फ्लैश फ्लड) से भारी तबाही मची है।
- श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर संकट: कैलाश मानसरोवर यात्रा के मुख्य मार्ग पर बने पुल और रास्ते क्षतिग्रस्त होने से भारतीय यात्री फंस गए हैं।
- बुनियादी ढांचे को नुकसान: बाढ़ और जलविद्युत परियोजनाओं पर पड़े असर के बाद दोनों देशों के प्रशासन द्वारा राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए गए हैं।
मुख्य समाचार: नेपाल के पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक आपदाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे रासुवा जिले में भूटकोशी नदी में अचानक आए भीषण फ्लैश फ्लड के कारण बड़े पैमाने पर तबाही देखने को मिली है। इस आपदा की चपेट में आने से तिब्बत और नेपाल के बीच संपर्क मार्ग बाधित हो गया है, जिसका सीधा असर कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले भारतीय श्रद्धालुओं की आवाजाही पर पड़ा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, नदी के जलस्तर में अचानक हुई भारी वृद्धि और भूस्खलन जैसी घटनाओं के चलते सीमावर्ती इलाकों में आवागमन ठप हो गया है, जिससे कई यात्री और स्थानीय लोग सुरक्षित स्थानों पर फंस गए हैं।
रास्तों और संपर्क मार्गों को भारी क्षति
आपदा के कारण पर्वतीय क्षेत्रों में ढांचागत नुकसान और बचाव अभियानों की स्थिति इस प्रकार है:
मैत्री पुल और मार्ग टूटे: बाढ़ के तेज बहाव में सामरिक रूप से महत्वपूर्ण रास्ते और सीमावर्ती पुल बह गए हैं, जिससे भारत और तिब्बत के बीच व्यापारिक व धार्मिक मार्ग प्रभावित हुआ है।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट्स पर असर: नदी के उफान से स्थानीय जलविद्युत परियोजनाओं और निर्माण कार्यों को भी भारी क्षति पहुंची है।
मौसम और यात्रा को लेकर एडवाइजरी
प्रशासन ने खराब मौसम और नदी के उफान को देखते हुए यात्रियों और पर्यटकों को संवेदनशील क्षेत्रों में जाने से बचने की कड़ी चेतावनी जारी की है। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
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