NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 9, 2026
झारखंड में JSSC CGL परीक्षा में हुई कथित धांधली को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच हुई वार्ता पूरी तरह बेनतीजा रही। मांगे पूरी न होने से नाराज़ छात्रों ने हड़ताल जारी रखने का फैसला लिया है और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव का बड़ा ऐलान कर दिया है।
Highlights
- प्रशासन से वार्ता विफल: सरकार और पुलिस प्रशासन के साथ छात्र प्रतिनिधियों की बातचीत में कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।
- CGL रद्द और CBI जांच की मांग: अभ्यर्थी JSSC CGL परीक्षा को तुरंत रद्द करने और पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच कराने पर अड़े हैं।
- 10 अगस्त को विधानसभा घेराव: मांगें न माने जाने के विरोध में राज्यभर के हज़ारों छात्र 10 अगस्त को राजधानी रांची में विधानसभा का घेराव करेंगे।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, रांची। झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) की CGL परीक्षा में हुई कथित गड़बड़ी को लेकर अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। परीक्षा को रद्द करने और पूरे प्रकरण की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग पर अड़े आंदोलनकारी छात्रों की प्रशासन के साथ हुई उच्चस्तरीय वार्ता पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई है।
वार्ता विफल होने के बाद छात्र संगठनों और अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका बेमुद्दत आंदोलन और अनिश्चितकालीन हड़ताल लगातार जारी रहेगी। इसके साथ ही आंदोलित छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा का घेराव करने का ऐलान कर दिया है।
आश्वासनों से बात नहीं बनी, मांगों पर डटे अभ्यर्थी
छात्र प्रतिनिधियों का कहना है कि सरकार और प्रशासन केवल मौखिक आश्वासन देकर आंदोलन को समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। अभ्यर्थियों की स्पष्ट मांग है कि जब तक CGL परीक्षा को रद्द करने का आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता और पूरे मामले की निष्पक्ष सीबीआई जांच की सिफारिश नहीं की जाती, तब तक आंदोलन वापस लेने का कोई सवाल ही नहीं उठता।
“हम अपने भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेंगे। केवल खोखले आश्वस्तिक बयानों से बात नहीं बनेगी। जब तक JSSC CGL परीक्षा रद्द नहीं की जाती और मामले की निष्पक्ष CBI जांच शुरू नहीं होती, हमारी अनिश्चितकालीन हड़ताल और 10 अगस्त का विधानसभा घेराव हर हाल में जारी रहेगा।”
– छात्र प्रतिनिधिमंडल (झारखंड छात्र एकता मंच)
10 अगस्त को रांची में महाजुटान की तैयारी
विधानसभा घेराव की घोषणा के बाद झारखंड के अलग-अलग जिलों से हज़ारों की संख्या में छात्रों का राजधानी रांची पहुँचना शुरू हो गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन भी सतर्क हो गया है। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए जा रहे हैं और विधानसभा क्षेत्र के आसपास बैरिकेडिंग व अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
छात्र नेताओं का कहना है कि 10 अगस्त का प्रदर्शन पूरी तरह अनुशासित और लोकतांत्रिक होगा, जो सरकार को युवाओं के हक़ में फ़ैसला लेने पर मजबूर करेगा।