- जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक: नई दिल्ली में 12 सितंबर को महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जाएगा।
- मोबाइल पर टैक्स कटौती की संभावना: हैंडसेट पर वर्तमान में लगने वाले 18% जीएसटी को घटाने पर विचार किया जा सकता है।
- बिक्री और कीमतों पर असर: चिप मेमोरी के दाम बढ़ने से महंगे हुए फोनों की बिक्री को पटरी पर लाने के लिए उद्योग जगत ने राहत की मांग की है।
मुख्य समाचार: देश के आम उपभोक्ताओं और मोबाइल खरीदारों के लिए जल्द ही बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। आगामी 12 सितंबर को नई दिल्ली में होने वाली जीएसटी काउंसिल की 57वीं बैठक में मोबाइल हैंडसेट पर लगने वाले कर ढांचे की समीक्षा की जाएगी। सूत्रों के अनुसार, बैठक में मोबाइल फोन पर वर्तमान में लागू 18 प्रतिशत जीएसटी की दर को कम करने पर विचार किया जा सकता है, जिससे आने वाले दिनों में मोबाइल फोन सस्ते होने की उम्मीद जताई जा रही है।
मोबाइल निर्माताओं और जानकारों का कहना है कि पिछले एक साल के दौरान चिप मेमोरी की कीमतों में 400 प्रतिशत से अधिक का उछाल आया है, जिसके कारण मोबाइल हैंडसेट के दाम करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं और इसका असर सीधे तौर पर बाजार की बिक्री पर पड़ रहा है। इसी मंदी और दबाव से उबारने के लिए टैक्स में राहत दिए जाने की मांग की जा रही है।
उद्योग जगत की मांग और अन्य अहम एजेंडे
आगामी बैठक में केवल मोबाइल दरों पर ही नहीं, बल्कि अन्य प्रशासनिक और अनुपालन संबंधी सुधारों पर भी चर्चा होने के आसार हैं:
जीएसटी दर घटाने की गुहार: मोबाइल निर्माताओं ने उद्योग को बढ़ावा देने के लिए 18% जीएसटी को घटाकर काफी कम करने का अनुरोध किया है।
सरल रिटर्न प्रक्रिया: सूत्रों के मुताबिक, कारोबारियों की सहूलियत के लिए जीएसटी रिटर्न को इनकम टैक्स रिटर्न की तरह अधिक सरल और सुगम बनाने पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
अधिकारिक घोषणा का इंतजार
फिलहाल इस प्रस्ताव पर अंतिम मुहर 12 सितंबर को होने वाली बैठक में ही लगेगी। यदि काउंसिल इस पर सहमति जताती है, तो त्योहारी सीजन से पहले मोबाइल ग्राहकों को बड़ी वित्तीय राहत मिल सकती है।
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