ओडिशा के जंगल में मिले 5 लावारिस ओरंगुटान के बच्चे, प्राकृतिक आवास से हजारों किलोमीटर दूर मिलने से तस्करी की आशंका तेज
- ओडिशा में मिले ओरंगुटान: बालासोर के बदापाइ गांव के पास रानाकथा प्रोटेक्टेड रिजर्व फॉरेस्ट (PRF) से पांच लावारिस बच्चे बरामद किए गए हैं, जिनमें दो मादा और तीन नर शामिल हैं।
- प्राकृतिक आवास से कोसों दूर: ये जीव मुख्य रूप से इंडोनेशिया के सुमात्रा और बोर्नियो के वर्षा वनों (Rainforests) में पाए जाते हैं, ऐसे में ओडिशा पहुंचना मानव हस्तक्षेप की ओर इशारा करता है।
- वन विभाग की जांच: बालासोर के डीएफओ इंदुलकर प्रतीक प्रकाश के अनुसार तस्करी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, हालांकि पुख्ता सबूत जुटाने के लिए जांच जारी है।
मुख्य समाचार: ओडिशा से एक हैरान करने वाली और चिंताजनक वन्यजीव घटना सामने आई है। बालासोर जिले के रानाकथा आरक्षित वन क्षेत्र में एक साल से कम उम्र के पांच बच्चे (ओरंगुटान) लावारिस हालत में मिले हैं। चूंकि इन दुर्लभ और संकटग्रस्त प्राइमेट्स का प्राकृतिक आवास भारत नहीं बल्कि हजारों किलोमीटर दूर सुमात्रा और बोर्नियो के उष्णकटिबंधीय वर्षा वन हैं, इसलिए उनका इस तरह ओडिशा के जंगलों में मिलना असंभव है। यह सीधे तौर पर अवैध वन्यजीव तस्करी (Wildlife Smuggling) और मानव हस्तक्षेप की ओर बड़ा इशारा करता है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग और स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। रेस्क्यू किए गए इन सभी पांचों बच्चों (दो मादा और तीन नर) को सुरक्षित संरक्षण में लेकर उनकी देखभाल शुरू कर दी गई है।
वन विभाग का आधिकारिक बयान और तस्करी की आशंका
मामले की गंभीरता को देखते हुए वन अधिकारियों ने क्या कहा, आइए जानते हैं:
डीएफओ का बयान: बालासोर के डीएफओ इंदुलकर प्रतीक प्रकाश ने बताया कि, “हालांकि तस्करी एक मुख्य संभावना बनी हुई है, लेकिन अभी तक कोई ठोस सबूत हाथ नहीं लगा है। इनका प्राकृतिक आवास उष्णकटिबंधीय वर्षा वन है, इसलिए वे स्वाभाविक रूप से यहां माइग्रेट करके नहीं आ सकते।”
गहन जांच जारी: अधिकारी ने स्पष्ट किया कि ये जीव यहां कैसे पहुंचे और इन्हें कौन लेकर आया था, इसका पता लगाने के लिए विभाग की टीमें चप्पे-चप्पे की जांच कर रही हैं।
आगे की कार्रवाई
जांच एजेंसियों द्वारा यह पता लगाया जा रहा है कि तस्करों ने इन्हें किस रास्ते से भारत में प्रवेश कराया था। उम्मीद है कि जल्द ही इस अवैध तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जाएगा।
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