छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प और जबरदस्त पत्थरबाजी, पुलिस ने संभाला मोर्चा
- दो गुटों में खूनी संघर्ष: बिलासपुर के कोतवाली थाना क्षेत्र के मसानगंज इलाके में दो पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए।
- जमकर हुई पत्थरबाजी: विवाद बढ़ने के बाद दोनों तरफ से भारी मात्रा में पत्थर फेंके गए, जिससे कई लोग घायल हो गए।
- प्रशासन सख्त: स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े; कलेक्टर और एसएसपी ने खुद मोर्चा संभाला।
मुख्य समाचार: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले से एक बड़ी और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है। शहर के मसानगंज इलाके में सोशल मीडिया पर कथित तौर पर किए गए एक विवादित पोस्ट और आपसी कहासुनी को लेकर दो समुदायों या गुटों के बीच माहौल अचानक गरमा गया। यह विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और सड़कों पर जमकर ईंट-पत्थर चलने लगे। इस हिंसक झड़प में दोनों पक्षों के 50 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। हालात की गंभीरता को देखते हुए बिलासपुर के कलेक्टर संजय अग्रवाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) रजनीश सिंह भारी पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे और देर रात तक खुद स्थिति पर नजर बनाए रखी।
कैसे भड़का पूरा विवाद?
प्राप्त शुरुआती जानकारी के अनुसार इस पूरी घटना की पृष्ठभूमि इस प्रकार रही:
सोशल मीडिया पोस्ट: शुरुआती रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कुछ आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर दोनों पक्षों में नाराजगी पनपी थी।
झड़प की शुरुआत: मसानगंज क्षेत्र से गुजर रहे कुछ युवकों के साथ कथित मारपीट और नोकझोंक के बाद मामला तेजी से बढ़ गया, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतर आए और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया।
अधिकारियों की लोगों से संयम बरतने की अपील
प्रशासन ने शहरवासियों से किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार पुलिस गश्त जारी है।
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