INTERNATIONAL | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 21, 2026
पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण और उनके बयानों को लेकर उपजे राजनयिक तनाव के बीच बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की प्रस्तावित भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत तेज हो गई है। ढाका और नई दिल्ली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने और ऊर्जा-व्यापार साझेदारी को मजबूती देने के लिए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है।
Highlights
- संभावित भारत दौरा: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पहले आधिकारिक भारत दौरे को लेकर दोनों पक्षों में विचार-विमर्श जारी है।
- शेख हसीना प्रत्यर्पण का मुद्दा: ढाका ने द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि का हवाला देते हुए शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग उठाई है, जिस पर नई दिल्ली ने कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा है।
- ऊर्जा और व्यापारिक सहयोग: बांग्लादेश में बिजली आपूर्ति, ईंधन की आवश्यकता और व्यापारिक साझेदारी के चलते दोनों देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाए रखना दोनों पक्षों के लिए प्राथमिकता है।
- राष्ट्रपति भवन में प्रोटोकॉल हलचल: नई दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व और राजनयिक स्तर पर दौरे की तैयारियों और द्विपक्षीय बैठकों की रूपरेखा पर काम हो रहा है।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक रिश्तों में आई हालिया तल्खी के बीच संबंधों को सामान्य करने की दिशा में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान की संभावित भारत यात्रा को लेकर दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच निरंतर संपर्क बना हुआ है।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी और उनके हालिया बयानों के बाद ढाका की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया आई थी। इसके बावजूद, दोनों देशों के सामरिक और आर्थिक हितों को देखते हुए नई दिल्ली और ढाका इस उच्चस्तरीय यात्रा के लिए सकारात्मक माहौल बनाने में जुटे हैं।
प्रत्यर्पण विवाद और कूटनीतिक संतुलन
बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में बयान जारी कर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की मांग दोहराई थी।
1. भारत का स्पष्ट रुख: भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि भारत किसी भी तीसरे पक्ष के ऐसे बयानों का समर्थन नहीं करता जिससे किसी चुनी हुई सरकार के साथ संबंधों में बाधा आए।
2. द्विपक्षीय निमंत्रण: भारत ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान को द्विपक्षीय यात्रा के साथ-साथ आगामी अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों के लिए भी औपचारिक निमंत्रण भेजा है।
3. व्यापार और सीमा सुरक्षा: दोनों देश सीमा प्रबंधन, गंगा जल संधि और ऊर्जा परियोजनाओं जैसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण मसलों पर सहयोग जारी रखना चाहते हैं।
“पड़ोसी देशों के साथ संप्रभु समानता, पारस्परिक सम्मान और साझा हितों के आधार पर संबंध आगे बढ़ाना दोनों देशों की दीर्घकालिक प्राथमिकता है।”
-राजनयिक सूत्र