हल्द्वानी मंच ‘शुद्धीकरण’ विवाद: खड़गे के समर्थन में आए अखिलेश यादव, बोले–”BJP नेताओं को मंच नहीं, अपना कलुषित मन धोना चाहिए”
NEWS | BY: POLITICS FEVER DESK | UPDATED: AUGUST 13, 2026
उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद रामलीला मैदान का कथित ‘शुद्धीकरण’ कराए जाने पर देश की राजनीति गरमा गई है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इसे सामाजिक भेदभाव का निकृष्टतम रूप बताते हुए बीजेपी और उसके समर्थकों पर तीखा हमला बोला है।
Highlights
- खड़गे के समर्थन में अखिलेश: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने हल्द्वानी में मंच धोए जाने/हवन कराने की घटना को दलित विरोधी मानसिकता करार दिया।
- राज्यसभा में गूंजा मुद्दा: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने संसद में कहा कि दलित होने के कारण उनका अपमान किया गया है।
- PDA एकजुट होकर देगा जवाब: अखिलेश यादव ने चेतावनी दी कि पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक (PDA) समाज अब ऐसा अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
मुख्य समाचार
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद आयोजित हुए एक ‘शुद्धीकरण यज्ञ’ ने देश भर में सियासी बवंडर खड़ा कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी और उससे जुड़े संगठनों को आड़े हाथों लिया है।
अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि बीजेपी के राज में सामाजिक भेदभाव अपने सबसे निचले स्तर पर पहुँच चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि खड़गे जी के भाषण देने के बाद मंच का शुद्धीकरण केवल इसलिए कराया गया क्योंकि वह दलित समाज से आते हैं।
“मंच धोने के बजाय अपना अशुद्ध मन साफ़ करें”
सपा प्रमुख ने बीजेपी नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें गंगाजल से मंच धोने का शौक चढ़ रहा है, उन्हें असल में अपने ‘कलुषित और अशुद्ध मन’ को साफ़ करने की ज़रूरत है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग भाईचारे और सामाजिक समरसता की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वे ऐसे जातिगत भेदभाव पर आज चुप क्यों हैं?
“भाजपा के राज में सामाजिक भेदभाव का यह निकृष्टतम रूप है। हल्द्वानी में जिस मंच पर खड़गे जी का संबोधन हुआ, उसका कुछ लोगों ने सिर्फ इसलिए शुद्धीकरण किया क्योंकि खड़गे जी दलित समाज से आते हैं। भाजपाइयों को मंच धोने के बजाय अपने गंदे मन को गंगाजल से साफ करना चाहिए।”
-अखिलेश यादव (राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी)
क्या था पूरा मामला?
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की एक विशाल जनसभा हुई थी। इसके बाद एक धार्मिक संगठन (श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास) द्वारा मैदान में हवन और शुद्धीकरण कराया गया। संगठन का दावा था कि खड़गे के पुराने बयानों के चलते धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने के लिए यह हवन किया गया, जबकि कांग्रेस और सपा ने इसे सीधे तौर पर दलित विरोधी हरकत करार दिया है।
संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में भी मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस मुद्दे पर अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि दलित होने की वजह से उनका यह अपमान किया गया है।