- बीसीसीआई की सफाई: बोर्ड उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने एशियन गेम्स में टीम इंडिया के ठहरने को लेकर हुए विवाद पर आधिकारिक बयान दिया है।
- होटलों की स्थिति: खिलाड़ियों को नागौर के तय होटलों में ठहराया जाएगा जो भले ही 5-स्टार न हों, लेकिन बेहद आरामदायक हैं और सभी खिलाड़ियों को अलग-अलग कमरे मिलेंगे।
- क्यों रिजेक्ट हुए टोक्यो-ओसाका के होटल: खेल वेनू से अत्यधिक दूरी पर होने के कारण टोक्यो और ओसाका के होटलों को खारिज करना पड़ा था।
मुख्य समाचार: एशियन गेम्स में भारतीय क्रिकेट टीम के ठहरने की व्यवस्था को लेकर पिछले कुछ दिनों से चल रहे विवाद पर आखिरकार बीसीसीआई ने अपनी चुप्पी तोड़ दी है। बीसीसीआई के उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस पूरे मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि खिलाड़ियों के आराम और सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा गया है। उन्होंने बताया कि खिलाड़ी नागौर के तय होटलों में रुकेंगे। हालांकि ये होटल फाइव-स्टार श्रेणी के नहीं हैं, लेकिन पूरी तरह से आरामदायक हैं।
राजीव शुक्ला के मुताबिक, बीसीसीआई ने वहां की तस्वीरें और वीडियो खुद देखकर पूरी व्यवस्था को अंतिम रूप दिया है, और यह सुनिश्चित किया गया है कि प्रत्येक खिलाड़ी को अलग-अलग व्यक्तिगत कमरे मिल सकें।
टोक्यो और ओसाका के होटल क्यों हुए थे रिजेक्ट?
रहने की व्यवस्था को लेकर उठाए जा रहे सवालों के जवाब में बोर्ड ने मुख्य वजह बताई है:
दूरी की समस्या: खेल के मुख्य वेनू से इन होटलों की दूरी बहुत ज्यादा थी, जिससे खिलाड़ियों का रोजाना सफर करना और समय प्रबंधन प्रभावित होता।
सुविधाओं का रख-रखाव: यात्रा की थकान से बचाने और वेनू के नजदीक बेहतर विकल्प मिलने के कारण टोक्यो और ओसाका के होटलों के प्रस्ताव को अस्वीकार करना पड़ा था।
विवाद पर लगा विराम
बोर्ड के इस स्पष्टीकरण के बाद उम्मीद की जा रही है कि ठहरने की व्यवस्था को लेकर चल रही तमाम अटकलों और चर्चाओं पर अब विराम लग जाएगा।
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