हिमाचल विधानसभा में राष्ट्रगान और वंदे मातरम के अपमान पर जोरदार बवाल, सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद धरने पर बैठी बीजेपी
- सदन में हंगामा: राष्ट्रगान और वंदे मातरम के दौरान नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी शुरू की।
- कार्यवाही स्थगित: स्पीकर द्वारा बार-बार शांत रहने की अपील के बावजूद शोर-शराबा नहीं रुका और सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
- परिसर में धरना: सदन स्थगित होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायक विधानसभा परिसर में धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मुख्य समाचार: हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होते ही सियासी घमासान का अखाड़ा बन गया। सदन की कार्यवाही के दौरान राष्ट्रगान और वंदे मातरम के प्रोटोकॉल व गरिमा के कथित उल्लंघन का मामला सामने आने के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ तीखा विरोध दर्ज कराया। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही को बीच में ही स्थगित करना पड़ा।
विधानसभा की शुरुआत में जब निर्धारित परंपराओं के तहत प्रक्रिया आगे बढ़ रही थी, तभी विपक्षी सदस्यों ने सत्तापक्ष पर संवैधानिक प्रतीकों और राष्ट्रीय मर्यादा की अनदेखी का आरोप लगाते हुए वेल में आकर नारेबाजी शुरू कर दी।
सदन के भीतर तीखी तकरार और नारेबाजी
विधानसभा अध्यक्ष ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने और कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने देने का अनुरोध किया। हालांकि, विपक्षी सदस्य मामले पर तत्काल चर्चा और जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े रहे।
विपक्ष का कहना था कि लोकतंत्र के सबसे बड़े मंदिर में राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, सत्तापक्ष के सदस्यों ने विपक्ष पर मानसून सत्र के पहले ही दिन जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाने और जानबूझकर व्यवधान डालने का आरोप लगाया।
आगे की रणनीति और सियासी सरगर्मी
इस गतिरोध के बाद यह साफ हो गया है कि मानसून सत्र के आगामी दिनों में भी राजनीतिक टकराव जारी रहेगा। विपक्ष जहां इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और सदन में जवाब मांगने की तैयारी में है, वहीं सरकार ने साफ किया है कि वे नियमों के तहत हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार हैं।
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