- 12 राज्यों में सेंधमारी: मिनेसोटा, जॉर्जिया समेत एक दर्जन राज्यों की 100 से अधिक वाटर और सीवरेज फैसिलिटीज को टारगेट किया गया।
- कमजोर सुरक्षा पर वार: बड़े महानगरों के बजाय पुराने इंडस्ट्रियल कंट्रोल सिस्टम (ICS) पर निर्भर छोटे शहरों के प्लांट्स पर डिजिटल प्रहार।
- ‘CyberAv3ngers’ की संलिप्तता: अमेरिकी जांच एजेंसियों (FBI व CISA) के अनुसार, हमले के तार ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से जुड़े हैं।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दुनिया अब एक ऐसे ‘अदृश्य युद्ध’ (Invisible War) के दौर में प्रवेश कर चुकी है, जहां बिना किसी तोप या मिसाइल के भी पूरे शहर की बुनियादी व्यवस्था को पंगु बनाया जा सकता है। संयुक्त राज्य अमेरिका के 12 से अधिक राज्यों में स्थित सार्वजनिक जल प्रणालियों (Water & Wastewater Systems) पर ईरान समर्थित साइबर हमलावरों ने बड़ा प्रहार किया है। इस डिजिटल घुसपैठ ने अमेरिका के छोटे शहरों और ग्रामीण काउंटियों की साइबर सुरक्षा तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मिनेसोटा में एक साथ 30 से अधिक कम्युनिटी वाटर सिस्टम्स में संदिग्ध गतिविधियों के बाद इस व्यापक साइबर अभियान का खुलासा हुआ। इसके तुरंत बाद फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) और साइबर सिक्योरिटी एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सिक्योरिटी एजेंसी (CISA) ने पूरे देश के क्रिटिकल इंफ्रास्ट्रक्चर ऑपरेटर्स के लिए इमरजेंसी एडवाइजरी जारी कर दी है।
महानगरों के बजाय छोटे शहर क्यों बने आसान शिकार?
अक्सर अंतरराष्ट्रीय साइबर संघर्षों में पेंटागन या वॉल स्ट्रीट जैसे हाई-प्रोफाइल रक्षा और वित्तीय केंद्रों को निशाना बनाया जाता है। हालांकि, ईरानी हैकर्स ने अपनी रणनीति बदलते हुए छोटे कस्बों के म्यूनिसिपल वाटर बोर्ड्स को चुना है:
1. सीमित बजट और पुराना सिस्टम: बड़े राष्ट्रीय प्रतिष्ठानों के पास मल्टी-लेयर फायरवॉल होते हैं, जबकि छोटे शहरों के वाटर प्लांट्स पुराने प्रोग्रामेबल लॉजिक कंट्रोलर्स (PLCs) और सीधे पब्लिक इंटरनेट से जुड़े मॉडेम पर निर्भर हैं।
2. मनोवैज्ञानिक दहशत पैदा करना: रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस हमले का मुख्य मकसद बुनियादी ढांचे को नष्ट करने से ज्यादा अमेरिकी नागरिकों में यह खौफ भरना था कि उनके घरों के नल तक विदेशी ताकतों की पहुंच बन चुकी है।
जॉर्जिया में ‘बॉइल वाटर’ एडवाइजरी, ऐसे हुआ था अटैक
तकनीकी जांच के मुताबिक, हैकर्स ने इंटरनेट-एक्सपोज्ड डिवाइसेज के जरिए वाटर प्लांट्स के कंट्रोल पैनल (HMI और SCADA) में मैलिशियस कोड इंजेक्ट किया। जॉर्जिया में पम्पिंग स्टेशन के ऑटोमैटिक वॉल्व बंद होने से वाटर प्रेशर अचानक गिर गया, जिससे पानी में संदूषण (Contamination) का खतरा बढ़ गया। इसके चलते स्थानीय प्रशासन को नागरिकों के लिए ‘पानी उबालकर पीने’ की चेतावनी जारी करनी पड़ी।
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